UP Divyang Pension Application Reject: आप सभी को नमस्ते! आज की यह पोस्ट उन सभी के लिए है जिन्होंने दिव्यांग पेंशन के लिए बहुत उम्मीद से एप्लीकेशन फॉर्म भरकर जमा तो किया था लेकिन उसके बाद जब UP Divyang Pension Status Check किया तो वहा आवेदन “Rejected” लिखा दिखा।
या फिर लिस्ट में आपका नाम तो है लेकिन इसके बावजूद आपके बैंक खाते में आज तक यूपी विकलांग पेंशन ₹3000 की क़िस्त नहीं आयी। अब ऐसी में आप सोच रहेगे होगी की सही कदम क्या होना चाहिये कैसे इस समस्या को ठीक करे और जब ऐसी समस्या आती है तो गुस्सा और परेशानी दोनों आना जायज भी है।
लेकिन मैं आपसे कहुगा की आप घबराएं नहीं क्योकि ज़्यादातर cases में जो एप्लीकेशन रिजेक्ट होती है वो बहुत-सी छोटी-छोटी गलतियों की वजह से होती है। जिनको आप फॉर्म भरते समय या तो नजरंदाज कर देते है या उनपर आपका ध्यान नहीं जाता है पर इसमे अच्छी बात यह है कि ऐसी समस्याओ को आप घर बैठे ही अपने मोबाइल/लैपटॉप/कंप्यूटर से आसानी से ठीक कर सकते है।
इसीलिए आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे उत्तर प्रदेश दिव्यांग पेंशन फॉर्म रिजेक्ट क्यों होता है, वो 5 बड़े कारण जिसकी वजह से आप परेशान है विकलांग पेंशन फॉर्म रिजेक्ट होने के बाद मोबाइल से कैसे ठीक कैसे करें और PFMS पर रुके हुए पैसे का status कैसे check करें। मुझे यकीन है इस पोस्ट के बाद आपकी सालो की समस्या चुटकियो में हल हो जायेगे
UP Viklang Pension 2026 Quick Info
| विवरण | जानकारी |
| फॉर्म ठीक करने का पोर्टल | sspy-up.gov.in (आवेदक लॉगिन) |
| पैसा check करने का पोर्टल | pfms.nic.in |
| सबसे बड़ी समस्या | Aadhaar mismatch या NPCI link न होना |
| Offline समाधान | जिला समाज कल्याण कार्यालय (Vikas Bhawan) |
| Helpline | 14568 (Toll-Free) |
पहले यह समझें यूपी विकलांग पेंशन Application Form कैसे Process होता है?
आपको यह जानना ज़रूरी है वरना आप समझ ही नहीं पाओगे की आपका नया आवेदन रद क्यों हुआ। जब आप अधिकारिक पोर्टल पर अपना आवेदन भर कर सबमिट कर देते है तो Divyang Pension registration Form सबमिट होने के बाद सीधे approve नहीं होता। यह एक प्रोसेस से गुज़रता है।

अगर आप गांव में रहते हैं तो आपका एप्लीकेशन फॉर्म पहले BDO यानी (Block Development Officer) के पास जाता है। या अगर आप शहर में रहते हैं तो आपके जिले के SDM (Sub-Divisional Magistrate) के पास जाता है।
जब यहाँ आपकी जानकारी वेरीफाई हो जाती है तब ये District Welfare Officer (DWO) के पास जाता है। उनकी approval के बाद PFMS के ज़रिए आपके बैंक खाते में पैसा आता है। इस पुरे प्रोसेस में अगर आपकी जानकारी में कहीं भी गड़बड़ी मिली तो आपकी एप्लीकेशन की रिजेक्ट कर दिया जाता है।
ध्यान दे: Pending और Rejected में फर्क – Pending का मतलब form अभी check हो रहा है मतलब इंतज़ार करें। Rejected का मतलब किसी कारण से नामंज़ूर हुआ नीचे solution पढ़ें।
UP Divyang Pension Application Rejection के 5 सबसे बड़े कारण?
जब आपका यूपी दिव्यांग पेंशन योजना का registration Form रिजेक्ट हो जाता है तो इसको ठीक करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि गलती कहां हुई। क्योकि जब आप अपनी गलती समझ जाओगे तो आसानी से बिना परेशान हुए इसको ठीक कर सकते है:-
कारण 1: Aadhaar और Bank में नाम अलग
मैने खुद बहुत से लोगो की मदद की है फॉर्म को भरने में और अधिकतर लोगो का एप्लीकेशन इसी वजह से रिजेक्ट होता है की उनका आधार कार्ड और बैंक में जो नाम होता है वो एक दुसरे से या तो बिलकुल अलग होता है या थोडा बहुत अंतर होता है बस यहाँ पर ही मेरे भाई और माता गलती कर देती है
जैसे अगर आपका नाम आधार कार्ड में “Ramesh Kumar“ है और आपकी बैंक पासबुक में सिर्फ “Ramesh” तो यही एक अंतर आपका आवेदन रिजेक्ट करने के लिए काफी होता है। क्योकि एक ही नाम से अलग-अलग लोग हो सकते है इसीलिए आपके सभी सभी दस्तावेजो में आपका नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए।
कारण 2: Income Certificate पुराना या गलत
अगर आपका आय प्रमाण पत्र 3 साल से ज़्यादा पुराना है या उसकी ऑनलाइन डिटेल मैच नहीं हो रही है। तो ऐसे में भी आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दिया जाता है इसीलिए आप जब अपना आय प्रमाण पत्र अपलोड करे तो पहले चेक कर ले की issue date क्या है अगर 3 साल से ज्यादा है तो आप ऑनलाइन ही अपना नया आय प्रमाण पत्र बना सकते है
इसके लिए भी आपको कही जाने की जरुरत नहीं होती बस एक छोटी सी फीस लगती है 75 रूपये जो समय पर कम या ज्यादा हो सकती है जब आप अप्लाई करे तो चेक कर ले अपना पुराना Income Certificate का नंबर डाले अपनी डिटेल्स भरे सही-सही लगभग 7 दिनों में आपका आय प्रमाण पत्र बनकर आ जायेगा pdf download करे और फिर अपलोड कर दे
कारण 3: Disability Certificate में गड़बड़ी
विकलांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) की दिक्कत ये भी लोग नजर अंदाज कर देते है सरकार के अनुसार विकलांगता 40% से कम न हो। और आपका certificate expire न हो गया हो अगर ऐसी कुछ होता है तो भी आपकी एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकती है

याद रखें: मानसिक या सुनने की विकलांगता का सर्टिफिकेट सिर्फ RML अस्पताल, लखनऊ का ही मान्य है, प्राइवेट का नहीं।
कारण 4: ई-केवाईसी (e-KYC) पेंडिंग होना
अगर आपने उत्तर प्रदेश विकलांग पेंशन फॉर्म भरते समय अपने आधार का ऑनलाइन वेरिफिकेशन (e-KYC) नहीं किया था। तो आपका पोर्टल पर लॉग इन करके यह पूरी करनी होगी। अगर बिना पूरा किये है दिव्यांग पेंशन में आवेदन कर दिया है तो एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकती है
कारण 5: बैंक खाते में NPCI (DBT) लिंक न होना
मुझे लगता है जिस चीज पर लोगो को अधिक ध्यान देना चाहिये वो यही है और यह सबसे बड़ी और सबसे common समस्या है। क्योकि जैसे आपको पता है अब सरकार डिजिटल भारत की तरफ तेजी से बढ़ रही है जहा अब सरकार भी लोगो को योजनाओ का लाभ, पैसे, क़िस्त आदि Aadhaar के ज़रिए DBT करके सीधे बैंक अकाउंट में पैसा भेजती है।
अगर आपके बैंक अकाउंट में NPCI mapping active नहीं है तो आपका क़िस्त का पैसा वापस लौट जाता है। जिससे आपको क़िस्त नहीं मिलती है यही कारण होता है की लिस्ट में तो नाम है लेकिन बैंक में पैसा ही नहीं आता है इसको ठीक करने के लिए अपने बैंक ब्रांच जाये और चेक करवाए अगर नहीं है तो बस 5 मिनट में ये काम हो जाता है
यूपी दिव्यांग एप्लीकेशन फॉर्म रिजेक्ट होने के बाद मोबाइल से कैसे ठीक करें?
अगर आपका फॉर्म DWO (District Welfare Officer) लेवल से रिजेक्ट हुआ है, तो आप उसे ऑनलाइन सही कर सकते हैं:-
- Step 1: अपने मोबाइल ब्राउज़र में sspy-up.gov.in पोर्टल खोलें।
- Step 2: सबसे पूरा मेनू में यूपी सरकार की 3 पेंशन योजनाओ राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन के आप्शन दिखाई देगे इसमे से दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन पर क्लिक करे
- Step 3: अब नया पेज खुलेगा इसमे “आवेदक लॉगिन (Applicant Login)” पर क्लिक करें। अगर आप नए है तो नया आवेदन पर क्लिक करके खुद की रजिस्टर कर सकते है।

- Step 4: अपनी पेंशन स्कीम (दिव्यांग पेंशन) चुनें, अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगिन करें।
- Step 5: लॉगिन करते ही डैशबोर्ड पर लाल रंग से लिखा दिखेगा कि फॉर्म क्यों रिजेक्ट हुआ है जैसे: Invalid Income Certificate या Name Mismatch आदि।
- Step 6: उसी के नीचे ‘Update Application’ आवेदन अपडेट करें का बटन होगा। उस पर क्लिक करें।
- Step 7: जो जानकारी गलत थी उसे सही भरें या नया सही दस्तावेज़ अपलोड करें।
- Step 8: कैप्चा (Captcha) डालें और ‘Final Submit’ पर क्लिक कर दें। आपका फॉर्म दोबारा वेरिफिकेशन के लिए चला जायेगा।
अगर ऑनलाइन ठीक न हो, तो क्या करें?
कई बार फॉर्म पूरी तरह लॉक हो जाता है और ऑनलाइन अपडेट का ऑप्शन नहीं आता। ऐसी स्थिति में आपको अपने जिले के विकास भवन (जिला समाज कल्याण कार्यालय) जाना होगा। अपने साथ अपना रिजेक्टेड फॉर्म का प्रिंटआउट, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और विकलांगता प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी ज़रूर ले जाएँ। अधिकारी अपने सिस्टम से उसे तुरंत अनलॉक या ठीक कर देंगे।
PFMS Status: बैंक खाते में पैसा क्यों अटका है? ऐसे चेक करें?
अगर आपका फॉर्म ‘Verified’ है और लिस्ट में नाम है लेकिन इसके बाद भी आपके बैंक खाते में Uttar Pradesh Viklang Pension Yojana के ₹3000 नहीं आए हैं तो आपको PFMS (Public Financial Management System) पोर्टल पर चेक करना होगा:-
- गूगल पर pfms.nic.in सर्च करके वेबसाइट खोलें।
- होमपेज पर “Know Your Payments” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपने बैंक का नाम टाइप करें जैसे State Bank of India आदि।
- अपना अकाउंट नंबर दो बार डालें और कैप्चा कोड भरें।
- ‘Send OTP on Registered Mobile’ पर क्लिक करें।
- ओटीपी डालते ही आपको दिख जाएगा कि यूपी सरकार का पैसा खाते में कब भेजा गया और उसका स्टेटस ‘Success’ है या ‘Failed’।

PFMS पोर्टल पर ‘Transaction Failed’ दिखे तो तुरंत करें ये काम
अगर PFMS पर ‘Transaction Failed’ या ‘Aadhaar not mapped’ आ रहा है तो इसका मतलब है कि सरकार ने पैसा भेजा था लेकिन NPCI मैपिंग न होने की वजह से आपके बैंक ने उसे वापस कर दिया।
अब आपको उसी दिन अपनी बैंक शाखा में जाना है और मैनेजर से कहना है सर, मेरे खाते में NPCI मैपिंग और DBT (Direct Benefit Transfer) चालू कर दीजिए। इसके लिए बैंक एक छोटा सा फॉर्म और आधार की कॉपी लेगा। DBT चालू होते ही रुकी हुई पेंशन अगले कुछ दिनों में आ जाएगी।
यूपी विकलांग योजना महत्वपूर्ण लिंक (Important Links)
| लिंक का नाम (Quick Links) | सीधा लिंक (Direct Link) |
| रिजेक्ट फॉर्म ठीक करने के लिए (आवेदक लॉगिन) | यहाँ क्लिक करें |
| PFMS बैंक स्टेटस चेक करने के लिए | यहाँ क्लिक करें |
| रुकी पेंशन की ऑनलाइन शिकायत (जनसुनवाई पोर्टल) | यहाँ क्लिक करें |
| UP दिव्यांग पेंशन की नई लिस्ट 2026 देखें | यहाँ देखें |
| सबसे पहले जानकारी के लिए व्हाट्सअप चैनल | ज्वाइन करे |
| UP पेंशन आधिकारिक वेबसाइट (Official Portal) | यहाँ क्लिक करे |
FAQ
Q1. चालू विकलांग पेंशन अचानक रुक जाए या पैसा ना आए, तो क्या करें?
Ans: अगर आपकी पेंशन पहले आ रही थी और अब रुक गई है, तो इसके 3 मुख्य कारण हो सकते हैं। इसे ठीक करने के लिए तुरंत ये कदम उठाएं:
- KYC चेक करें: sspy पोर्टल पर लॉगिन करके चेक करें कि आपकी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी है या नहीं।
- बैंक में NPCI मैपिंग: अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग और DBT चालू करवाएं क्योकि ज़्यादातर पेंशन इसी वजह से रुकती है।
- PFMS स्टेटस: pfms.nic.in पर जाकर अपना पेमेंट स्टेटस चेक करें कि सरकार ने पैसा भेजा है या बैंक ने रिजेक्ट कर दिया है:
Q2. समाज कल्याण विभाग से काम न होने पर शिकायत कहाँ और कैसे करें?
Ans: अगर जिले के विकास भवन या समाज कल्याण अधिकारी आपकी रुकी हुई पेंशन या रिजेक्ट फॉर्म की सुनवाई नहीं कर रहे हैं, तो आप घर बैठे 2 तरीके से सीधी शिकायत कर सकते हैं:
- CM जनसुनवाई पोर्टल (IGRS UP): jansunwai.up.nic.in पर जाकर ‘शिकायत दर्ज करें’ पर क्लिक करें। यहाँ की गई शिकायत सीधे लखनऊ जाती है और अधिकारी को 15 दिन में जवाब देना होता है।
- CM हेल्पलाइन नंबर: सीधे 1076 पर कॉल करके अपनी समस्या रजिस्टर करवाएं।
Q3. यूपी विकलांग पेंशन 2026 के नए अपडेट और नियम क्या हैं?
Ans: 2026 के ताज़ा अपडेट के अनुसार, अब पेंशन पाने के लिए 2 सबसे बड़े नियम लागू कर दिए गए हैं पहला बिना e-K (आधार वेरिफिकेशन) के किसी का फॉर्म पास नहीं होगा। दूसरा, खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) लिंक होना 100% अनिवार्य है क्योंकि सरकार अब अकाउंट नंबर पर नहीं, बल्कि सीधे आधार नंबर पर पैसा भेजती है।
Q4. यूपी में दिव्यांगों के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
Ans: यूपी सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (समाज कल्याण) का आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14568 है। इसके अलावा आप 1800-180-1995 पर भी कॉल करके अपने फॉर्म या रुकी हुई पेंशन की जानकारी ले सकते हैं।
